क्या अनामिका बापस आएगी? पार्ट – 18

पार्ट - 18

by Sonal Johari

Summery

मुझे तो लगा बस्स आकर्षित होगा ये अनामिका की ओर… लेकिन इसने तो बकायदा अनामिका का फोटो अपने टेबिल पर सजा रखी है…मतलब ..कहीं ये सीरियस तो नहीं?

“हेलो “… अंकित के मुंह से निकला

“हम्म …अंकित …बहुत सुना है तुम्हारे बारे मे …अंकल बहुत तारीफ करते हैं तुम्हारी ” राहुल ने कहा

उन दोनों को हाथ मिलाते देखकर राव सर बहुत खुश होते हुए बोले “बहुत बढ़िया… मुझे यकीन है ..तुम दोंनो मिलकर काम करोगे ,तो ..युवाशक्ति अच्छे नतीजे लेकर ही आएगी “

जवाब में दोंनो मुस्कुरा भर दिए ..जहाँ राहुल ये बोलकर कि ‘कल मिलते हैं ‘चला गया…वहीं अंकित को राव सर ने एक लेटर टाइप कराने के लिए रोक लिया …एक मामूली सा लेटर टाइप करने में भी बहुत टाइम लग गया अंकित को क्योंकि. राहुल को देखने के बाद वो मानसिक तनाव में आ गया था बाद में राव सर ने उसे कुछ पेपर्स देते हुए कहा

“अंकित …जरा ये पेपर्स राहुल के केविन में रख दोगे क्या ??

“क्यों नहीं सर …जरूर ” कहते हुए उसने पेपर्स उनके हाथ से ले लिए ..और राहुल के केविन में जाकर जैसे ही पेपर्स टेबिल पर रखे.. उसकी नजर टेविल पर रखे एक फ़ोटो फ्रेम पर चली गयी…हाथ मे फोटो फ्रेम उठाते ही उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया..

वो बुदबुदाया “मुझे तो लगा बस्स आकर्षित होगा ये अनामिका की ओर… लेकिन इसने तो बकायदा अनामिका का फोटो अपने टेबिल पर सजा रखी है…मतलब ..कहीं ये सीरियस तो नहीं? …(दांत भीचते हुए) कमीना..

अपने केविन में आकर अंकित विचारों में उलझ गया

“जितनी बार मैं खुद को सम्भालता हूँ ..उतनी ही बार एक नयी उलझन

अंकित का मन :-“बेकार में ही परेशान है तू यार ..उसने पहचान नहीं पाया तुझे..और राव सर ने एक और काम में शामिल कर तुझ पर भरोसा जताया है ..फिर दिक्कत कहाँ है ?

अंकित :-दिक्कत ही दिक्कत है..ये राहुल का बच्चा ..सीरियस है उसके लिए “

अंकित का मन :-सौ बातों की एक बात ..अनामिका प्यार करती है .तुझसे..इससे बड़ी बात क्या हो सकती है?

‘ हम्म ..जानता हूँ.. लेकिन क्या करूँ….. उसका रुतवा …पैसेवाला होना …और राव सर जैसे इंसान से जुड़े होना ….मुझे डर लग रहा है ..कहीं… “

अंकित का मन :- बेकार में परेशान मत हो अंकित…वो कितना प्यार करती है तुझसे…कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता “

अंकित :- “हम्म..हम्म …सही है…बस्स बेचैनी और घबराहट है मुझे..क्यों ना अनामिका के पास ही चला जाये शायद उससे मिलकर मुझे सुकून मिले ” और इतना सोचते ही राव सर को ये बोल “कि कुछ पर्सनल काम है ..जल्दी लौट आऊंगा “अंकित …अनामिका से मिलने पहुँच गया ..

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