क्या अनामिका बापस आएगी? पार्ट -19

पार्ट - 19

by Sonal Johari

Summery

“तुम्हारी बेचैनी और आशंकाओ का इससे बेहतर जवाब नहीं है मेरे पास अंकित…लो भर दो मेरी मांग ..” कहते हुए उसने अपना सिर उसकी ओर कर दिया

यूँ ही बैठी वो शून्य में ताक रही थी,अंकित ने उसे देखा तो बोला “अनामिका ,तुम ठीक तो हो ..?

“हे…आज इतनी जल्दी …मैं तो खुश हूँ… तुम तो ठीक हो ना ? बताओ क्या लाऊँ .. क्या खाओगे ? उसने चहकते हुए पूछा

“कुछ नहीं …बस्स यहाँ आकर मेरे पास बैठो …जरूरी बात करनी है “

“हाँ.. हाँ ..बोलो ना ” अंकित जहाँ सोफे पर बैठा था ..वो उसी के पैरों के पास जमीन पर पास बैठते हुए बोली

“हरेक बच्चे की तरह तुम भी अपने पेरेंट्स से बेहद प्यार करती होगी ..है ना”?

“हाँ बिल्कुल …करना भी चाहिए ” उसने अंकित के घुटने पर हाथ रखते हुए कहा

“हाँ ..बिल्कुल करना चाहिए ” अंकित ने सहमति में सिर हिलाया

“तो अगर कल को ..तुम्हारे पेरेंट्स ..तुम्हारे लिए एक ऐसे लड़के को पसंद करे..जिसके पास ज्यादा पैसा हो…जो बाहर से पढ़ कर आया हो ..और जो एक प्रतिष्ठित परिवार से हो …तो क्या तुम मान लोगी उनकी बात ? छोड़ सकती हो ऐसे हालात में मुझे?

“क्यों पूछ रहे हो ऐसे “?

“इसलिए कि मेरी जिंदगी का हिस्सा भर नहीं हो तुम ..बल्कि जिंदगी हो ..मेरी हर खुशी ..उम्मीद ..सब तुमसे है ..बताओ ना ..अनामिका ”

“रुको अभी आयी …”अंदर की तरफ मुड़ते हुए वो बोली

“कहाँ जा रही हो …पहले जवाब दो …मेरी बात का “लेकिन अनसुना कर वो अंदर चली गयी और कुछ सेकेंड में ही बापस आयी तो हाथ मे एक छोटा सी डिब्बी लिए हुए ..और लाकर उसने अंकित के हाथ पर रख दिया उस डिब्बी को..

“क्या है ये ” ?बोलते हुए, अंकित ने… उसे खोला और चौकते हुए अनामिका की ओर देखा ” ये ..ये तो सिंदूर है..अनामिका “

“तुम्हारी बेचैनी और आशंकाओ का इससे बेहतर जवाब नहीं है मेरे पास अंकित…लो भर दो मेरी मांग ..” कहते हुए उसने अपना सिर उसकी ओर कर दिया

“ओह अनामिका …तुमने तो ..निरुत्तर कर दिया मुझे …एक ही झटके में मेरी सारी आशंका और डर खत्म…अब मुझे किसी का डर नहीं …किसी का नहीं ” फिर उसे गले लगाकर

“बहुत प्यार करता हूँ तुमसे …बहुत…और हाँ सिंदूर सबके सामने भरूँगा …चलता हूँ “

“इतनी जल्दी ..रुको ना “

“नहीं ..मिलता हूँ ना शाम को ..”

“नहीं अंकित ..अभी रुको “

“कहा ना मिलता हूँ ..शाम को …तुम अपना ख्याल रखो बस्स..बहुत हुआ …शादी करनी है तुमसे जल्दी से मुझे ..”

और बो दौड़ता सा निकल गया …”अंकित रुक जाओ ना “अनामिका बोली लेकिन अंकित ने इशारे से कहा शाम को आ रहा हूँ …और दौड़ता सा चला गया ….

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